हरियाणा के छोटे किसान ने मसाला बेचकर खड़ी की करोड़ों की फैक्ट्री, अब विदेशों तक मांग
Haryana News 24 (बहल, भिवानी): कहते हैं कि अगर इंसान के मन में कुछ कर गुजरने का जुनून हो और इरादे नेक हों, तो सफलता के शिखर तक पहुँचने से उसे कोई नहीं रोक सकता। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी हरियाणा के भिवानी जिले के बहल (लोहारू विधानसभा क्षेत्र) से सामने आई है। जहाँ एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले राजेश ने अपनी मेहनत के दम पर ‘नागोरी’ (Nagori) मसालों को एक बड़े ब्रांड के रूप में स्थापित कर दिया है।

शून्य से शिखर तक का सफर
महज दो साल पहले तक राजेश एक छोटी सी दुकान चलाते थे और अपने हाथों से मसालों की कुटाई-छंटाई करते थे। उनके पास न तो बड़ी मशीनें थीं और न ही कोई बहुत बड़ा निवेश। लेकिन आज वही राजेश एक अत्याधुनिक और ऑटोमैटिक मसाला फैक्ट्री के मालिक हैं। उनकी फैक्ट्री में पिसाई से लेकर पैकिंग तक का सारा काम आधुनिक मशीनों द्वारा किया जाता है [03:29]।

‘क्वालिटी’ ही है असली पहचान
राजेश का मानना है कि व्यापार में माल नहीं, बल्कि ‘क्वालिटी’ बेची जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके यहाँ तैयार होने वाले मसालों में किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं होती। बाजार में मिलने वाली मिर्चों में अक्सर डंठल (नाकू) समेत पिसाई होती है, लेकिन नागोरी मसाले में बिना डंठल की शुद्ध मिर्च का उपयोग किया जाता है [08:18]।

मुख्य उत्पाद:
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शुद्ध हल्दी पाउडर (गांठों से पिसा हुआ)
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बिना डंठल वाली लाल मिर्च
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धनिया, जीरा और मेथी पाउडर
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राजस्थानी स्वाद वाला अचार (टींट, सांगरी और फोगलिया) [08:45]
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जल्द ही गरम मसाला भी लॉन्च करने की योजना है।

सूरत से लेकर फाइव स्टार होटलों तक पहुँच
आज नागोरी मसालों की मांग केवल भिवानी या हिसार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ब्रांड अब सूरत और दिल्ली के बड़े-बड़े फाइव स्टार होटलों और मॉल्स तक पहुँच चुका है [09:33]। राजेश ने बताया कि राजस्थान के सीमावर्ती इलाके से जुड़े होने के कारण उन्हें वहां से उच्च गुणवत्ता वाला कच्चा माल सीधा किसानों से मिलता है, जो उनके मसालों की शुद्धता का मुख्य कारण है।

युवाओं को रोजगार और संदेश
राजेश अब अपनी फ्रेंचाइजी और डिस्ट्रीब्यूटरशिप के जरिए युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रहे हैं। वे एक जिले में केवल एक ही डिस्ट्रीब्यूटर बनाते हैं ताकि काम की गुणवत्ता और विश्वास बना रहे [14:10]।
बेरोजगार युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “कभी भी हिम्मत मत हारो। यदि आप ईमानदारी से कर्म करते रहेंगे, तो भगवान खुद रास्ते खोलता जाएगा। पढ़ाई बहुत जरूरी है, चाहे आप बिजनेस करें या नौकरी, शिक्षा हमेशा काम आती है” [16:58]।

भरोसे का प्रतीक: नागोरी मसाले
स्थानीय निवासियों और ग्राहकों का कहना है कि वे सालों से राजेश के यहाँ से मसाले ले जा रहे हैं और आज तक शुद्धता में कोई कमी नहीं आई है। फैक्ट्री में रोजाना लगभग 1500 से 2000 पैकेट मसालों की पैकिंग और सप्लाई होती है [18:23]।
यह कहानी उन सभी के लिए एक मिसाल है जो संसाधनों की कमी का रोना रोते हैं। राजेश ने साबित कर दिया कि “सोने की चम्मच लेकर पैदा होना जरूरी नहीं, बल्कि अपनी मेहनत से सोना उगाना ही असली कामयाबी है।”
वीडियो के लिए यहाँ क्लिक करें: हरियाणा के गरीब किसान का कमाल! दुकान से मसाले बेचते-बेचते लगाई बड़ी फैक्ट्री!
