हरियाणा में नए जिलों के गठन पर लगा ब्रेक, 2029 तक नहीं बनेगा कोई नया जिला, जानें क्या है कारण?
हरियाणा में प्रशासनिक इकाइयों के विस्तार और नए जिलों के गठन की आस लगाए बैठे लोगों को फिलहाल निराशा हाथ लगी है। चुनाव आयोग, रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त ने प्रदेश में नई प्रशासनिक सीमाओं के निर्धारण पर रोक लगा दी है, जिससे अब 2029 में होने वाले परिसीमन के बाद ही किसी नए जिले, मंडल या तहसील का गठन संभव हो पाएगा।

- हांसी बना हरियाणा का 23वां जिला:
इस रोक से ठीक पहले, हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए हिसार से अलग कर हांसी को राज्य का 23वां जिला घोषित किया था। हांसी लंबे समय से जिला बनने की मांग कर रहा था और जनसंख्या सहित अन्य निर्धारित मानकों को पूरा करने में सफल रहा।
- पांच शहर अभी भी कतार में:
कैबिनेट सब-कमेटी के पास कुल 11 नए जिले बनाने के प्रस्ताव पहुंचे थे, जिनमें से 6 शहरों, जिनमें हांसी भी शामिल था, को शॉर्टलिस्ट किया गया था। हांसी के जिला बनने के बाद, अब पांच अन्य शहर असंध, गोहाना, मानेसर, डबवाली और सफीदों जिला बनने के प्रमुख दावेदार बने हुए हैं। भविष्य में, यदि सरकार कोई नया जिला बनाने में सफल होती है, तो इन शहरों का नंबर सबसे पहले आ सकता है।

- कमेटी का कार्यकाल खत्म, मंजूरी की चुनौती:
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों की सब-कमेटी, जिसे नए जिलों के प्रस्तावों पर विचार करना था, का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो चुका है।
हालांकि, यदि राज्य सरकार फिर भी नए जिले के गठन में रुचि लेती है, तो उसे इस कमेटी का कार्यकाल बढ़ाना होगा। इसके लिए चुनाव आयोग से विशेष मंजूरी लेना अनिवार्य होगा और साथ ही, सभी राजनीतिक दलों के एक-एक प्रतिनिधि को इस कमेटी में शामिल करना पड़ेगा, जो कि एक जटिल प्रक्रिया हो सकती है। फिलहाल, तकनीकी और कानूनी रोक के चलते, हरियाणा के प्रशासनिक मानचित्र में अगला बड़ा बदलाव 2029 के बाद ही देखने को मिलने की उम्मीद है।
