अरावली पर SC का ‘ऐतिहासिक’ स्टे: हुड्डा बोले- ‘सरकार बताए क्या है उसका स्टैंड?’
अरावली पर्वत श्रृंखलाओं से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने ही एक फैसले पर रोक (स्टे) लगाए जाने को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक ‘ऐतिहासिक फैसला’ करार दिया है। हुड्डा ने इस फैसले को अरावली के भविष्य के लिए एक बड़ी राहत बताया है। उन्होंने कहा, “यह एक ऐतिहासिक फैसला है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट बहुत कम मामलों में स्वतः संज्ञान लेता है। देश के बहुत से प्रदेशों से लोगों की आवाज़ उठ रही थी, अब सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ही अरावली को बचाएगा।”

हुड्डा ने अरावली के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि ये पर्वत श्रृंखलाएं एक तरह से ‘हरियाणा के फेफड़े’ हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ये ‘फेफड़े’ खराब हो जाते हैं, तो इससे राज्य को बहुत बड़ा और अपरिवर्तनीय नुकसान होगा।
हुड्डा की हरियाणा सरकार से सीधी मांग:
इस मामले को लेकर हुड्डा ने हरियाणा की मौजूदा सरकार से सुप्रीम कोर्ट में अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि हरियाणा सरकार अपना स्टैंड क्लियर करे कि सुप्रीम कोर्ट में उनका क्या स्टैंड है।”

कांग्रेस पार्टी ने हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान भी इस मामले को लेकर नोटिस दिया था, लेकिन वह मंजूर नहीं हुआ था। हुड्डा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पर्यावरणविद् और स्थानीय लोग लंबे समय से अरावली को खनन और अवैध निर्माण से बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस स्वतः संज्ञान वाले फैसले से अरावली संरक्षण की लड़ाई को एक नई उम्मीद मिली है।
