हांसी को जिला बनाने का नोटिफिकेशन जारी, इन 110 गाँवों को मिलाकर बना प्रदेश का 23वां जिला?
हरियाणा के प्रशासनिक मानचित्र पर सोमवार, 22 दिसंबर 2025 को एक नया इतिहास रच गया। लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए हरियाणा सरकार ने हाँसी को प्रदेश का 23वां जिला घोषित कर दिया है। राज्यपाल के आदेशानुसार इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी कर दी गई है, जिसके साथ ही हाँसी अब स्वतंत्र प्रशासनिक अस्तित्व वाला जिला बन गया है।
हिसार से अलग होकर बना नया स्वरूप:
अब तक हिसार जिले का हिस्सा रहे हाँसी को अलग जिला बनाए जाने से हिसार की भौगोलिक सीमाएं पूरी तरह बदल गई हैं। नए जिले के गठन के बाद हिसार में अब मुख्य रूप से हिसार और बरवाला उपमंडल ही शेष रहेंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे क्षेत्र के विकास के लिए एक ‘मील का पत्थर’ बताया है।

नए जिले का लेखा-जोखा: एक नजर में:
अधिसूचना के अनुसार, हाँसी जिले की संरचना इस प्रकार होगी:
- कुल गांव: हाँसी और नारनौंद विधानसभा क्षेत्रों के 110 गांवों को नए जिले में शामिल किया गया है।
- उपमंडल: जिले में दो उपमंडल—हाँसी और नारनौंद—होंगे।
- तहसील और उप-तहसील: इसमें तीन तहसीलें (हाँसी, नारनौंद और बास) और एक उप-तहसील (खेड़ी जालब) शामिल हैं।
- जनसंख्या और क्षेत्रफल: नए जिले की अनुमानित जनसंख्या 5,40,994 है और इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 1,34,976 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है।
9 साल बाद बना नया जिला:
गौरतलब है कि हरियाणा में आखिरी बार साल 2016 में चरखी दादरी को 22वां जिला बनाया गया था। लगभग 9 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हाँसी को यह दर्जा मिला है। हाँसी पहले से ही एक पुलिस जिला (Police District) था, लेकिन अब पूर्ण जिला बनने से यहाँ डीसी (DC) कार्यालय सहित सभी जिला स्तरीय प्रशासनिक सेवाएं सुलभ होंगी।
विकास को मिलेगी नई गति:
हाँसी के जिला बनने से स्थानीय निवासियों को अब अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए हिसार नहीं जाना पड़ेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के लिए अब अलग से बजट आवंटित होगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से नारनौंद और हाँसी जैसे क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज होगी और शासन व्यवस्था आम जनता के और करीब आएगी।
आज से हाँसी की सड़कों पर ‘HR-23’ नंबर वाली गाड़ियाँ और नए प्रशासनिक बोर्ड इस ऐतिहासिक बदलाव की गवाही देंगे।

नवनियुक्त जिला हाँसी: शामिल होने वाले प्रमुख गाँवों की सूची:
हाँसी, अनीपुरा, बडाला, बन्दा हेरी, बड़ा जग्गा, बरछापार, बास आजमशाहपुर, बास अकबरपुर, बास बादशाहपुर, बास खुर्द बीजन, भकलाना, भानी अमीरपुर, भाटला, भाटोल जाटान, भाटोल रांगड़ान, बीर हाँसी, बुडाना, चनौत, दाता, दयाल सिंह कॉलोनी, देपल, धामियां, ढाणा खुर्द, ढाणा कलां, ढांढेरी, ढाणी ब्राह्मण माजरा राजपुरा, ढाणी गुजरान, ढाणी केंन्दू, ढाणी कुम्हारान, ढाणी कुंदनपुर, ढाणी पाल, ढाणी पीरान, खेड़ा रांगड़ान, खेड़ी गगन, खेड़ी जालब, खेड़ी लोचब, खेड़ी रोज, खेड़ी श्योरान, किन्नर, कोथ कलां, कोथ खुर्द, कुलाना, कुम्भा, कुतुबपुर, लालपुरा, लोहारी राघो, मदन हेरी, मढ़ा, महंदा, मझोड़, माजरा, ममानापुर, मसूदपुर, मिलकपुर, मिर्चपुर, मोहला, मोथ करनैल साहिब, मोथ रांगड़ान, मुजदपुर, नारा, नारनौंद, नारनौंद औरंगशाहपुर, पाली, पेटवाड़, प्रेमनगर, ढाणी पीरावाली, ढाणी पूरिया, ढाणी राजू, ढाणी साकरी, ढाणी ठाकरिया, धर्म खेड़ी, गढ़ी, गढ़ी अजीमा, गमरा, घेराय, गुराना, हैबतपुर, हजामपुर, जमावड़ी, जामनी खेड़ी, जितपुरा, कांगसर, कुंवारी, कापड़ो, खांडा खेड़ी, खानपुर, खरबला, खड़कड़ा, पुट्ठी मंगलखां, पुट्ठी समैन, राजपुरा, राजथल, राखी खास, राखी शाहपुर, रामायण, रामपुरा, रोशन खेड़ा माजरा खरबला, सैनीपुरा, शेखपुरा, सिंधड़, सिंघवा खास, सिंघवा राघो, सीसर, सिसाय बोलान, सिसाय कालीरावण, सोरखी, सुलचानी, सुल्तानपुर, थुराना, उगालन और उमरा।
