हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री पर सरकार का बड़ा एक्शन, कौन-कौन से 67 गानों पर लगा बैन?
- मुख्य गायक और प्रतिबंधित गानों की सूची:
- मासूम शर्मा : इनके सर्वाधिक 19 गानों को चिन्हित किया गया है। प्रमुख प्रतिबंधित गानों में शामिल हैं:
- ट्यूशन बदमाशी का
- 60 मुकद्दमे
- खटोला/एक खटोला जेल के भीतर
- चंबल के डाकू
- जेलर
- रोहतक कब्जा
- मेरे मित्र

- अन्य गायक जिनके गाने रडार पर हैं
- मासूम शर्मा: 19 गाने
- नरेन्द्र भगाना: 6 गाने
- अमित सैनी रोहतकिया: 6 गाने
- राज मावर: 5 गाने
- राहुल पुथी: 5 गाने
- गुलजार छानीवाला: 4 गाने
- अमन राजगिल: 3 गाने
- के.डी (KD), ढांडा न्योलीवाला, कैंडी शेरोन, सुमित परता: इन सभी के 2-2 गाने बैन हुए हैं।

- हरियाणवी गानों को ही टारगेट क्यों किया जा रहा- मासूम शर्मा
पूरे देश के लिए अश्लीलता और हथियार-प्रोत्साहित गानों के खिलाफ एक व्यापक कानूनी ढांचे की जरूरत है। अगर हरियाणा की फिल्म इंडस्ट्री विकसित हो जाती है, तो हरियाणवी संगीत का दबदबा बालीवुड की तरह होगा और अगर केवल हरियाणवी गानों को निशाना बनाया गया तो लोग पंजाबी गानों की ओर लौटेंगे। इस मुहिम में हम सरकार के साथ हैं लेकिन मैं सरकार से एक मांग करना चाहता हूं कि सिर्फ हरियाणवी गानों के पीछे न पड़कर पूरे देश में कोई ऐसा कानून लेकर आएं जो गन कल्चर, अश्लीलता और सट्टे को प्रमोट करने पर बैन लगाए। यह सब कानून के बिना नहीं हो सकता है। बालीवुड की उन बड़ी फिल्मों पर भी गौर करना चाहिए जो हथियारों और हिंसा को प्रमोट करती हैं। हमारी तो बहुत छोटी सी इंडस्ट्री है, हरियाणवी गानों को ही टारगेट क्यों किया जा रहा है। 67 गानों को बैन करने से क्राइम खत्म नहीं होता। – मासूम शर्मा, हरियाणवी गायक

- क्या बोले हरियाणा पुलिस DGP?
हरियाणा पुलिस के आइटी विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 67 गानों को डिजिटल प्लेटफार्म से हटाया है। यह गाने युवकों में अश्लीलता, अपराध तथा नशे व गन कल्चर को बढ़ावा देते हैं। हरियाणा पुलिस सभी प्लेटफार्म की मानीटरिंग कर रही है, जो भी ऐसा कंटेंट डालता है, उसकी नियमित मानीटरिंग की जा रही है।मनोविज्ञान का नियम है कि कोई भी मूवी और नाटक इनके देखने वालों को प्रभावित करते हैं। कुछ कामेडियन को सुप्रीम कोर्ट ने बैन भी किया है, जो अश्लील संस्कृति को बढ़ावा दे रहे थे। युवा जनता को चाहिये कि वह ऐसे इनफ्लुएंसर से प्रभावित न हों, जो समाज में अपराध, महिलाओं का उत्पीड़न, हिंसा या नशे को प्रेरित करते हैं। कई फिल्में भी बनी हैं, जिनमें अपराध को महिमा मंडित किया गया है, जो कि सिर्फ मनरंजन तक सीमित रहना चाहिए। फिल्मों व गानों में दिखाया जाने वाला करियर बिल्कुल भी नहीं है। यह कोरी कल्पना है। असली जिंदगी बिल्कुल नहीं है। असली जिंदगी में यह अपराधी पुलिस के शिकंजे में आ ही जाते हैं।– अजय सिंघल, पुलिस महानिदेशक, हरियाणा

- पुलिस और सरकार का सख्त रुख
- कड़ी निगरानी: पुलिस उन सोशल मीडिया यूजर्स पर भी नजर रख रही है जो इन गैंगस्टर गानों को शेयर या प्रमोट करते हैं।
- कानूनी कार्रवाई: सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 79(3)(b) के तहत यूट्यूब और स्पॉटिफाई जैसे प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भेजकर कंटेंट हटाने का आदेश दिया गया है।
- लाइव शो पर पाबंदी: गायकों को सार्वजनिक कार्यक्रमों में इन प्रतिबंधित गानों को गाने से बचने की हिदायत दी गई है।
